पटना, :अखिल भारतीय किसान महासभा के बिहार राज्य सचिव सह राष्ट्रीय सचिव उमेश सिंह ने अपने प्रेस बयान के माध्यम से जानकारी दी कि अखिल भारतीय किसान महासभा 9 अगस्त 2026 को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस पर पूरे देश के सभी जिला मुख्यालय शहरों में ” किसानों को गुलाम बनाने वाली भारत अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द कराने व बिहार में सम्राट चौधरी सरकार द्वारा 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना व उसमें लैंड पुलिंग नीति के माध्यम से 4 लाख एकड़ कृषि भूमि कॉर्पोरेट के लिए हड़पने की कोशिश के खिलाफ” विरोध मार्च आयोजित कर मोदी और सम्राट चौधरी का पुतला दहन कार्यक्रम करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि भारत – अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के जरिये भारत की खेती पर अब तक का सबसे बड़ा हमला होने वाला है। इस समझौते के जरिये अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए देश के कृषि बाजार खोले जा रहे हैं। यह समझौता यदि लागू हुआ तो भारत के 85% छोटे व मध्यम किसानों के लिए यह मौत का सौदा साबित होगा। सस्ते आयातित अमेरिकी अनाज,फल,सब्जियों,दुग्ध उत्पादों और पॉल्ट्री उत्पादों की बाढ़ के आगे पहले से घाटे की खेती वाला भारत का किसान कहीं भी नहीं टिक पाएगा। और अंततः देश अपनी खाद्य सुरक्षा खो देगा। दूसरी ओर संकट ग्रस्त कृषि को उबारने के बजाय सरकारें विकास के नाम पर कृषि भूमि की लूट गैर कृषि कार्य हेतु कर रही है। बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने तो 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना व उसमें लैंडपुलिंग नीति के माध्यम से 4 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि को आडानी के लिए हड़प करने कि योजना पर कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त 1 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि (अन सर्वे लैंड) के नाम पर लूट लेने की योजना है। देश में यह अब तक का सबसे बड़ा कॉरपोरेट कृषि भूमि हड़प है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में सिर्फ कृषि भूमि ही है और उस पर आबादी के घनत्व का भारी दबाव है। जहाँ पहले ही हाइवे और औद्योगिक कॉरिडोर के नाम पर 6 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि नष्ट किया जा चुका है। इस तरह से इस बड़े पैमाने पर कृषि भूमि का नष्ट होते जाना आने वाले समय में न सिर्फ जबरदस्त खाद्यान्न संकट को उत्पन्न करेगा बल्कि पर्यावरण संतुलन खो देगा जिसके भयंकर परिणाम होंगे। इसलिए आज हमे अपने कल को बचाने के लिए इन सरकारों के खिलाफ कमर कसना होगा सड़क पर उतरना होगा। अन्यथा कल कुछ नहीं बचेगा।