कैमूर: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि राजनीतिक सत्ता ही दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अन्य वंचित समाजों के सशक्तिकरण की मास्टर चाबी है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने भी इन वर्गों के अधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल के लिए राजनीतिक शक्ति को आवश्यक बताया था।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि आरक्षण को कड़ी मेहनत से कमजोर करने की साजिश चल रही है। उन्होंने कहा कि जब तक दलितों और वंचितों के हाथ में सत्ता नहीं होगी, तब तक संविधान में मिले अधिकार कागजों तक सीमित रहेंगे।
मायावती के बयान पर बहुजन समाज पार्टी के बिहार प्रदेश जोन प्रभारी सह सासाराम के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी संतोष कुमार ने कहा कि “बहन जी ने बिल्कुल सही कहा है। सत्ता ही मास्टर चाबी है। जब तक हमारे समाज का व्यक्ति सत्ता में नहीं बैठेगा, तब तक किसान, मजदूर और दलित की आवाज कोई नहीं सुनेगा।उन्होंने कहा कि कैमूर और पूरे बिहार में बसपा जमीन से जुड़कर काम कर रही है। “हम खेत में भी जाएंगे और सदन में भी। जब हमारे जनप्रतिनिधि बनेंगे तभी गरीब का बेटा बिना भेदभाव के स्कूल जा पाएगा, अस्पताल में इलाज होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।संतोष कुमार ने कहा कि “बसपा का मकसद सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि समाज के हर तबके को सम्मान के साथ सत्ता में हिस्सेदारी दिलाना है। यही बाबा साहेब का सपना था और यही बहन जी का मिशन है।मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर पार्टी की नीतियों को बताएं