गया जी : श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभागसह- युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने गयाजी में अपने पितरों की मुक्ति एवं मोक्ष की कामना हेतु सनातन विधि से पिंडदान किया। इस अवसर पर उन्होंने पितरों के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था व्यक्त करते हुए निरंतर धार्मिक अनुष्ठान के साथ सामाजिक सेवा करने का भी संकल्प लिया।पिंडदान के पश्चात मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि गयाजी ज्ञान, मोक्ष, आध्यात्म, करुणा, शांति और सनातन संस्कृति की पावन धरती है। यह भूमि सदियों से धार्मिक एवं आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रही है। यहां पितरों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष के लिए पिंडदान करने की प्राचीन परंपरा है, जिसका सनातन संस्कृति में विशेष महत्व है। गयाजी की पवित्र भूमि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। यहां देश-विदेश से श्रद्धालु अपने पितरों के मोक्ष की कामना लेकर पहुंचते हैं। पितृपक्ष के दौरान गया जी में होने वाले पिंडदान और तर्पण का विशेष धार्मिक महत्व है। यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक मूल्यों और पूर्वजों के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करती है। उन्होंने गया जी में पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं के लिए की गई समुचित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सुचारु विधि-व्यवस्था तथा उनके ठहरने के लिए राज्य सरकार द्वारा समुचित प्रबंध किए गए हैं। राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सेवा, सुविधा और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर है।उन्होंने कहा यह भी कि गयाजी की आध्यात्मिक पहचान और सनातन परंपराएं भारतीय संस्कृति की समृद्धि का प्रतीक हैं। यहां की पावन भूमि श्रद्धालुओं को शांति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना का अनुभव कराती है। विगत दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में गया जी के विकास एवं सनातन संस्कृति की विरासत को आधुनिक स्वरूप देने के लिए योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनमें काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विष्णुपद मंदिर क्षेत्र का विकास तथा सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना शामिल है। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल गयाजी की पौराणिक विरासत सुरक्षित होगी, बल्कि पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। विष्णुपद क्षेत्र का यह कायाकल्प स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा करेगा, जिससे क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास भी तेजी से होगा।