डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती पर भाजपा वाणिज्य प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

 पटना : भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक, शिक्षाविद् एवं ‘मिसाइल मैन’ के नाम से विख्यात भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी, वाणिज्य प्रकोष्ठ, बिहार प्रदेश द्वारा पटना के बोरिंग रोड स्थित मित्रा कंपाउंड, वाणिज्य प्रकोष्ठ कैंप कार्यालय में श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम वाणिज्य प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रो. (डॉ.) जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन एवं प्रदेश सह-संयोजक  अमृतेष कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्र निर्माण, वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा और युवाओं के उत्थान में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश सह-संयोजक  अमृतेष कुमार गुप्ता ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम केवल एक महान वैज्ञानिक और राष्ट्रपति ही नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। उनका संपूर्ण जीवन सादगी, ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम ने अपने वैज्ञानिक अनुसंधानों एवं दूरदर्शी विचारों से भारत को रक्षा तकनीक तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सपनों का विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत बनाने के लिए युवाओं को शिक्षा, विज्ञान, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा। डॉ. कलाम के विचार, आदर्श और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
वाणिज्य प्रकोष्ठ के मुख्य प्रवक्ता   नरेश महतो ने कहा कि डॉ. कलाम ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि साधारण परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति भी दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और उच्च आदर्शों के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम ने युवाओं को बड़े सपने देखने, लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
वाणिज्य प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय प्रभारी  विक्रमादित्य विक्रम ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन ज्ञान, विज्ञान और मानवीय मूल्यों का अद्भुत संगम था। उन्होंने शिक्षा एवं तकनीकी विकास को राष्ट्र की प्रगति का आधार माना। उनके विचार आज भी विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों एवं युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम के आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
क्षेत्रीय प्रभारी  नीरज कुमार ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने विज्ञान और तकनीक के माध्यम से भारत को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के प्रत्येक वर्ग को शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने डॉ. कलाम के आदर्शों पर चलने तथा शिक्षा, विज्ञान, सामाजिक समरसता, राष्ट्रसेवा एवं जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

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