पटना : मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के डॉक्टरों ने एक दुर्लभ और आक्रामक सॉफ्ट टिश्यू कैंसर से पीड़ित बिहार के 3-वर्षीय बच्चे का सफल उपचार कर उसका बायां हाथ कटने से बचा लिया, जिससे उसे सामान्य जीवन जीने की नई उम्मीद मिली। अत्याधुनिक लिम्ब सैल्वेज सर्जरी की मदद से डॉक्टरों ने न केवल कैंसरस ट्यूमर को पूरी तरह निकाला, बल्कि बच्चे के हाथ की सामान्य कार्यक्षमता को भी सुरक्षित रखा, जिससे हाथ काटने की आवश्यकता नहीं पड़ी।मास्टर रूपेश कुमार अहलावत, एम्ब्रायोनल रैब्डोमायोसरकोमा नामक दुर्लभ कैंसर से पीड़ित था। यह कैंसर मांसपेशियों का निर्माण करने वाले टिशूस में विकसित होता है। पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से उसके बाएं ऊपरी हाथ में लगातार दर्द और सूजन बनी हुई थी। हालांकि बच्चे को पटना के एक कैंसर सेंटर में कई चरणों में कुल 10 बार कीमोथेरेपी दी गई, फिर भी उसके हाथ में मौजूद ट्यूमर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ और काफी बड़े ट्यूमर के रूप में बना रहा। लगभग नारियल के आकार (6.9 x 9.1 x 10.5 सेमी) का यह ट्यूमर हाथ के ऊपरी पिछले हिस्से में स्थित था और प्रमुख नसों एवं ब्लड वेसल्स के बेहद करीब होने के कारण इसका उपचार अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। पटना में उपचार कर रहे विशेषज्ञ ने बच्चे को मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली, की पटना ओपीडी सेंटर में डॉ. विवेक वर्मा, को रेफर किया, जिसके बाद उसे मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली (गाजियाबाद) लाया गया। यहां मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड ने उसकी स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया। गहन जांच और चर्चा के बाद विशेषज्ञों ने हाथ काटने की बजाय लिम्ब सैल्वेज सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी का नेतृत्व मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली के ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी एवं जॉइंट रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी (एडल्ट एवं पीडियाट्रिक मस्कुलोस्केलेटल एवं बोन कैंसर) विभाग के डायरेक्टर डॉ. विवेक वर्मा ने किया, वहीं, सर्जरी के रिकंस्ट्रक्शन चरण में प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव ऑन्कोसर्जरी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. विपिन बर्थवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।