रांची, :देश आज रिकॉर्ड महंगाई की मार झेल रहा है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। भाजपा सरकार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का बहाना बनाती है, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने टैक्स बढ़ाकर जनता की जेब पर लगातार डाका डालने का काम किया है।उपरोक्त बाते आज झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कही | इन्होने उदाहरण देते हुए आगे कहा की 2014 में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹71 प्रति लीटर थी, जो आज 2026 में ₹102 प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है — यानी करीब 43% वृद्धि। डीजल की कीमत ₹56 से बढ़कर लगभग ₹95 प्रति लीटर हो गई — यानी लगभग 68% बढ़ोतरी। घरेलू LPG सिलेंडर, जो 2014 में लगभग ₹410-450 में मिलता था, आज कई शहरों में ₹900 से अधिक की दर तक पहुंच चुका है। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल के महीनों में सैकड़ों रुपये की बढ़ोतरी ने होटल, ढाबा, ट्रांसपोर्ट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ा दी है। इसका सीधा असर आम जनता की थाली और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
श्री नायक ने आगे कहा की मई 2026 में मात्र 10-11 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग ₹7.5 प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई। यह दिखाता है कि भाजपा सरकार जनता को राहत नहीं, बल्कि लगातार आर्थिक बोझ देने का काम कर रही है। मोदी सरकार “अच्छे दिन” का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन आज स्थिति यह है कि खाद्य पदार्थ, परिवहन, गैस और रोजमर्रा की हर जरूरत महंगी हो चुकी है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम हुईं, तब भी केंद्र सरकार ने टैक्स कम कर जनता को राहत देने के बजाय तेल कंपनियों और राजस्व वसूली को प्राथमिकता दी।श्री नायक ने आगे कहा की भाजपा की केंद्र सरकार जनता को जवाब दे की
• 12 वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के नाम पर क्या उपलब्धि हुई?
• पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स कब कम होंगे?
• घरेलू गैस पर सब्सिडी क्यों खत्म की गई?
• आम जनता को महंगाई से राहत कब मिलेगी?
हम मांग करते हैं कि पेट्रोल-डीजल के दाम तत्काल कम किए जाएं, घरेलू LPG पर सब्सिडी बहाल की जाए और महंगाई से त्रस्त जनता को राहत दी जाए।
देश की जनता अब जाग चुकी है और महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।