कैमूर: बहुजन समाज पार्टी के मुख्य जोन प्रभारी सह सासाराम के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी संतोष कुमार इन दिनों राजनीति से अलग खेत-खलिहान में नजर आ रहे हैं। वे खुद बिचड़ा उखाड़कर धान की रोपनी कर रहे हैं और इसे “ईश्वर की सबसे बड़ी सेवा” बता रहे हैं।संतोष कुमार ने कहा कि खेतों में बिचड़ा उखाड़कर उसे खेत में फेंकने में जो आनंद आता है, वह किसी पूजा-पाठ से कम नहीं। उन्होंने कहा कि हमारे सभी जनप्रतिनिधियों को खेतों में उतरना चाहिए, तभी उन्हें महसूस होगा कि कृषक ही देश का असली भगवान है। उसी के पसीने से देश का पेट भरता है, इसलिए उसके हित में काम करना हमारा धर्म है।धान रोपनी कर रही महिलाओं के साथ बैठकर उन्होंने गर्मी और बरसात में होने वाली ज्वलंत समस्याओं पर भी बात की। महिलाओं ने मजदूरी, खाद-बीज की महंगाई और समय पर पानी न मिलने की समस्या बताई। संतोष कुमार ने कहा कि अन्नदाता की तकलीफ दूर करना ही सबसे बड़ा पुण्य है।उन्होंने कहा कि खेती करने से शरीर तंदुरुस्त रहता है और मन को शांति मिलती है। हमें हर हाल में कृषि से जुड़ना चाहिए। उन्होंने सभी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और हर समुदाय के लोगों से अपील की कि वे खेती पर विशेष ध्यान दें। “अगर हम मिट्टी से जुड़ेंगे तो ही देश समृद्ध होगा।”संतोष कुमार का कहना है कि – कर्म ही पूजा है। आज के समय में सबसे बड़ा कर्म खेती है। जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा, तब तक देश आगे नहीं बढ़ सकता।