केरल की खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण व्यवस्था का अध्ययन बिहार के लिए उपयोगी : मंत्री अशोक चौधरी

पटना : विभागीय यात्रा के दौरान केरल की खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के साथ शनिवार को एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय अनुभव-साझा बैठक आयोजित हुई। बैठक में खाद्य खरीद, भंडारण, निगरानी एवं वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।
बैठक में केरल की सिविल सप्लाइज कमिश्नर सुश्री हीमा , कासरगोड के जिलाधिकारी अर्जुन पाण्डियान सहित केरल के सभी 14 जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी उपस्थित रहे। केरल सरकार के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में अपनाई जा रही खाद्य खरीद प्रक्रियाओं, तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था एवं वितरण प्रणाली की विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस दौरान केरल में लागू कुछ स्थानीय प्रयोगों एवं प्रक्रियाओं पर भी चर्चा हुई, जो बिहार के लिए निश्चित रूप से अध्ययन योग्य हैं।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अंतर्राज्यीय अनुभवों का आदान-प्रदान प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। केरल की खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के उपयोग, निगरानी व्यवस्था तथा वितरण प्रक्रिया से जुड़े कई उपयोगी अनुभवों को समझने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि बिहार में भी ई-पोस आधारित जनवितरण प्रणाली के माध्यम से राशन वितरण में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बिहार और केरल की भौगोलिक परिस्थितियाँ, प्रशासनिक आवश्यकताएँ तथा सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियाँ अलग-अलग हैं। इसलिए हमारा प्रयास रहेगा कि केरल के उपयोगी अनुभवों एवं बेहतर प्रक्रियाओं का अध्ययन कर उन्हें बिहार की आवश्यकताओं एवं परिस्थितियों के अनुरूप अपनाया जाए।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनवितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी, जवाबदेह एवं सुगम बनाना है, ताकि खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक बेहतर व्यवस्था के साथ समय पर पहुँच सके।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय अनुभव-साझा बैठक के आयोजन एवं सहयोग के लिए केरल सरकार, प्रशासन तथा सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद एवं अनुभव-साझा से दोनों राज्यों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में निश्चित रूप से सहायता मिलेगी।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि खाद्य आयोग के अध्यक्ष एवं उनकी टीम को भी आग्रह करेंगे कि भविष्य में अन्य राज्यों का भी दौरा कर वहाँ की बेहतर एवं प्रभावी व्यवस्थाओं (Best Practices) का अध्ययन करें। उन राज्यों में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण व्यवस्था से जुड़े अच्छे प्रयोगों को समझकर बिहार में उनकी उपयोगिता एवं व्यवहार्यता के आधार पर लागू करने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा।

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