17 जून को राज्यभर के सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से धरना दिया जाएगा

पटना  : बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, संगठित भ्रष्टाचार, लुट , गिरती विधि व्यवस्था , गरीबों पर हो रहे अत्याचार और आम जनों के ज्वलंत मुद्दों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के निर्देशानुसार दिनांक 17 जून 2026 को राज्य भर के सभी जिला मुख्यालयों पर व्यापक एवं प्रभावकारी रूप से धरना दिया जाएगा। इस धरना कार्यक्रम में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद के साथ वरिष्ठ नेता , राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला के पदाधिकारियों सहित जिला भर के सभी सक्रिय कार्यकर्ता और नेता भाग लेंगे। धरना में आम जनों की भी बड़ी भागीदारी होगी। एजाज ने आगे कहा बिहार में जिस तरह से वित्तीय गबन और और वित्तीय अपराध का मामला सामने आया है,उस पर सरकार में बैठे हुए लोग चुप है। टेंडर माफिया रिशुश्री के मामले पर जिस तरह से सरकार के व्यवस्था की पोल खुल गई और इसमें बड़े अधिकारी के संलिप्तता के मामले सामने आ रहे हैं उस पर पर्दादारी के लिए बिहार में मुद्दों को भटकाया जा रहा है, इससे स्पष्ट होता है की बड़ी मछलियों को बचाने के लिए छोटी मछलियों को पकड़ा या गिरफ्तार किया जा रहा है। बिहार में संगठित लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। सत्ता के संरक्षण में माफियाओं को फलने- फुलने का मौका मिल रहा है। डबल इंजन सरकार में महंगाई तेजी से बढ़ रही है। पेट्रोल -डीजल रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिसके कारण आम जनों का जीवन दुभर हो गया है। पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में लगातार वृद्धि के कारण यात्री भाड़ा और माल भाड़ा में वृद्धि हो रही है। बिहार में सबसे अधिक पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट और सरचार्ज लगाए जा रहे हैं, यह अन्याय है। किसानों को जो परेशानी हो रही है उसको देखने के लिए सरकार के पास समय नहीं है। सरकार महंगाई रोकने, भ्रष्टाचार को समाप्त करने, विधि व्यवस्था को ठीक करने और आम जनों के ज्वलंत समस्याओं के निदान के लिए सरकार कोई कार्य नहीं कर रही है। और महिलाओं के साथ हो रहे बलात्कार, अत्याचार,अन्याय को रोकने की दिशा में सरकार गंभीर नहीं है। बिहार में अबोध और अवयस्क बालिकाओं पर दरिंदगी और अत्याचार की घटनाओं में सर्वाधिक वृद्धि हुई है। सरकार इस तरह की अत्याचार की घटनाओं को रोकने में पूरी तरह से विफल है।

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