पटना : राजधानी पटना के बापू सभागार में स्वास्थ और राष्ट्र समर्पित सामाजिक संस्था गुलमोहर मैत्री द्वारा आयोजित देशभक्ति आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति “ऑपरेशन सिंदूर” का भव्य आयोजन किया गया। यह नाट्य प्रस्तुति का कार्यक्रम भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, उनके परिवारों के त्याग तथा आतंकवादी हमलों में दिवंगत निर्दोष नागरिकों की स्मृति को समर्पित था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया तथा तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) श्री सैय्यद अता हसनैन के आगमन के साथ हुआ। सभागार पहुंचने के बाद उन्होंने हॉल ऑफ फेम का अवलोकन किया तथा मंच पर पहुंचे। इसके पश्चात बिहार रेजिमेंटल सेंटर (बीआरसी) द्वारा राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान प्रस्तुति दी गयी।राज्यपाल महोदय द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन हुआ।दीप प्रज्वलन के अवसर पर ब्रिगेडियर अमित बेदी, डिप्टी जीओसी, बिहार एवं झारखंड सब एरिया,मेजर जनरल एम. इंद्रबालन (सेवानिवृत्त), पूर्व चीफ ऑफ दक्षिण भारत एरिया, ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोहरा, कमांडेंट, बिहार रेजिमेंटल सेंटर (बीआरसी) , बैंक ऑफ बड़ौदा, एनटीपीसी आईएसएम , रूबन हॉस्पिटल, मेडिवर्सल हॉस्पिटल के प्रतिनिधि एवं संस्था की सचिव मंजू सिन्हा मंच पर उपस्थित रहे।नाट्य प्रस्तुति के पूर्व मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए महामहिम राज्यपाल ने कहा इस तरह के कार्यक्रम को प्रोत्साहित कि जानी चाहिए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान ही नहीं था यह नारी शक्ति के सम्मान में भारत के वीर सपूतों का संकल्प और साहस के साथ प्रतिशोध था । यह दुश्मनों को साफ संदेश था कि भारत की अस्मिता पर हर हमले का नापाक जवाब देने हमें आता है ।आम भारतीय नागरिक की जान हमारे देश के महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जो नैरेटिव फैलाया गया वह दुखद था ।उन्होंने लोगों को भारत के सभी सैन्य अभियान पर नाट्य प्रस्तुति करने की जरूरत बताया ताकि समाज के हर वर्ग और हर नागरिक तक विजय गाथा पहुंचे ताकि देशभक्ति जज्बा बना रहे।कार्यक्रम के दौरान गुलमोहर मैत्री की यात्रा पर आधारित विशेष वीडियो प्रदर्शित किया गया। इसके पश्चात राज्यपाल द्वारा मेजर जनरल एम. इंद्रबालन (सेवानिवृत्त), रियर एडमिरल सतीश शेनाई तथा नाट्य प्रस्तुति के निर्देशक श्री संजय उपाध्याय को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर गुलमोहर मैत्री की संस्थापक एवं सचिव श्रीमती मंजू सिन्हा द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया गया और उन्होंने स्वागत भाषण दिया और संस्था की गतिविधियों तथा “ऑपरेशन सिंदूर” के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति सैनिकों और उनके परिवारों के साहस, त्याग एवं समर्पण को सम्मान देने का एक विनम्र प्रयास है। ऐसे कार्यक्रम से नागरिकों में देशभक्ति की भावना का संचार होता है ।इस अवसर पर मेजर जनरल एम. इंद्रबालन (सेवानिवृत्त) तथा ब्रिगेडियर अमित बेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका, बलिदान तथा राष्ट्र सेवा की भावना पर प्रकाश डाला।मुख्य नाट्य प्रस्तुति से पहले एलईडी स्क्रीन पर ‘ऑपरेशन 1971’ नाटक का वीडियो प्रदर्शित किया गया। इसके उपरांत बिहार रेजिमेंटल सेंटर (बीआरसी) के बैंड द्वारा देशभक्ति पर आधारित विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। मुख्य आकर्षण के रूप में प्रस्तुत नाट्य कृति “ऑपरेशन सिंदूर” ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। लगभग 90 मिनट की इस प्रस्तुति ने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, उनके त्याग एवं आतंकवादी हमलों में दिवंगत निर्दोष नागरिकों की पावन स्मृति को समर्पित किया गया। नाट्य प्रस्तुति के दौरान मौजूद लोग भावुक नज़र आए कई दर्शकों के आंखे भींगी नजर आ रही थी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारियों, एनसीसी के कैडेट, गणमान्य नागरिकों, कलाकारों, शिक्षाविदों, युवाओं तथा आम नागरिकों की उपस्थिति रही।