अपराध और भ्रष्टाचार पर बोलने का तेजस्वी को नैतिक अधिकार नहीं: शंभू नाथ सिन्हा

पटना : प्रदेश जद (यू) प्रवक्ता शंभू नाथ सिन्हा ने जारी बयान में कहा कि तेजस्वी यादव को अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिसके माता-पिता के शासनकाल में महिलाओं, व्यवसायियों, युवाओं, किसानों के खिलाफ अपराध चरम पर था वो आज किस मुंह से अपराध को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अपराध पर बोलने से पहले तेजस्वी यादव को अपने के माता-पिता के शासनकाल के दौर को याद कर लेना चाहिए। जिसके शासनकाल के दौरान राज्य में 67 हजार 279 हत्याएं हुईं, 12 हजार 827 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की दुखद घटना हुई। साल 1990 के दशक में लालू-राबड़ी शासनकाल के दौरान कुल 118 जातीय नरसंहार हुए जिनमें 812 लोगों की जानें गईं। फिरौती के लिए 5 हजार 243 अपहरण हुए।
महिलाओं को शाम के बाद घरों से निकलना मुश्किल था और शाम छह बजे के बाद अगर परिजन घर वापस नहीं लौटते थे तो घरवालों को उनके सकुशल होने की चिंता सताने लगती थी। पटना में हुए कुछ चर्चित दुष्कर्म एवं हत्याकांड आज भी लोगों की जेहन में जिंदा हैं। डर के चलते बिहार से उद्योगपतियों, किसानों एवं युवाओं का बड़े पैमाने पर पलायन हुआ और उस दौर की याद कर आज भी लोग सिहर उठते हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार ने एक ऐसा दौर भी देखा है जब राष्ट्रीय जनता दल के शासन में अपराधी अपराध करने के बाद मुख्यमंत्री आवास में शरण लेते थे। मौजूदा एनडीए सरकार में आम हो या खास, अपराधियों को संरक्षण नहीं बल्कि सजा दी जाती है। महिलाओं को श्री नीतीश कुमार जी ने इस कदर आत्मनिर्भर बनाया है कि जो आज 2 बजे रात में भी निर्भिक होकर सड़कों पर घूम सकती हैं। आज के दौर में किसी भी छोटे बड़े अपराध के बाद सरकार त्वरित कार्रवाई करती है और अपराधी चाहे कितना भी ताकतवर हों, वो पकड़े जाते हैं और उनके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाती है।

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