पटना : भाजपा के राज्यसभा सांसद शिवेश राम ने रिशु श्री प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राजद सांसद सुधाकर सिंह के भ्रष्टाचार पर दिए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने कार्यकाल और अपने नेताओं के आचरण का जवाब दे।शिवेश राम ने कहा कि राजद नेताओं को सबसे पहले यह बताना चाहिए कि उनके सत्त्ता में रहते कितना कमीशन लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस रिशु श्री की चर्चा की जा रही है उनका तेजस्वी यादव से अच्छे सम्बन्ध हैं। यह तेजस्वी के बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहते दिखा भी था।सांसद ने सवाल किया कि भोजपुर मेडिकल कॉलेज और मुंगेर मेडिकल कॉलेज के निर्माण का ठेका महाराष्ट्र की कंपनी नियति कंस्ट्रक्शन को किस आधार पर दिया गया था। उन्होंने पूछा कि जिस कंपनी के पास पर्याप्त अनुभव नहीं था, उसे टेंडर कैसे मिला और इस पूरी प्रक्रिया में कितने रुपये का सौदा हुआ था। उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए।सांसद शिवेश राम ने कहा कि राजद नेताओं को किसी पर भी आरोप लगाने से पहले अपने दामन में झांकना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव के परिवार के कई सदस्य विभिन्न मामलों में अदालत में आरोपपत्रित (चार्जशीटेड) हैं और अधिकांश के खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सजायाफ्ता हैं, इसलिए नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले राजद को अपने राजनीतिक आचरण पर विचार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और दोषियों को कानून के अनुसार जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी आरोपी को राजनीतिक संरक्षण नहीं दिया जाएगा।शिवेश राम ने राजद से अपील करते हुए कहा कि यदि उसके पास किसी भी मामले में कोई ठोस साक्ष्य है तो वह उसे सार्वजनिक करे और संबंधित जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के लगातार आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास करना लोकतांत्रिक राजनीति के लिए उचित नहीं है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि एनडीए सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।