पटना:भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. अनुप दास ने उन स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदान ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने लगभग हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

डॉ. दास ने पूर्वी भारत में कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने और किसानों की आजीविका में सुधार लाने में संस्थान के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित उन्नत किस्मों एवं उत्पादन तकनीकों, समेकित कृषि प्रणालियों, धान-परती प्रबंधन, पशुधन एवं मत्स्य क्षेत्र, भूमि एवं जल प्रबंधन तथा सामाजिक-आर्थिक एवं प्रसार तकनीकों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकियाँ कृषि को जलवायु-सहिष्णु और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि के समक्ष अभी भी कई चुनौतियाँ हैं, विशेषकर कृषि पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, टिकाऊ खेती की प्राप्ति, पोषण सुरक्षा, रोजगार, किसानों की आय बढ़ाना इत्यादि। उन्होंने सभी कर्मचारियों से जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की नई भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
डॉ. दास ने टीम भावना, समन्वय और सामूहिक प्रयासों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अनुसंधान एवं संस्थागत गतिविधियों में गुणवत्ता को अधिक प्राथमिकता देने के साथ-साथ नवाचार, ईमानदारी और नैतिकता को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि को अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए दीर्घकालिक और टिकाऊ दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। डॉ. दास ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही, उन्होंने कहा, “यदि हममें से प्रत्येक व्यक्ति सौंपे गए दायित्व का उत्कृष्टता, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निष्ठापूर्वक निर्वहन करे, तो हम विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति में सार्थक योगदान दे सकते हैं।”
समारोह के दौरान स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनका उद्देश्य उनमें देशभक्ति, रचनात्मकता और स्वतंत्रता दिवस के महत्व के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का समापन संस्थान परिवार द्वारा भारतीय कृषि और राष्ट्र की प्रगति के लिए मिलकर कार्य करने के नए संकल्प के साथ हुआ। विदित हो कि संस्थान के सबजपुरा प्रक्षेत्र; कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची; कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर तथा कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ में भी 80वाँ स्वतंत्रता दिवस इसी उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया।