अमर शहीद बृजबिहारी प्रसाद जी की जीवनगाथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत : अमृतेष कुमार गुप्ता

पटना  : बिहार प्रदेश भाजपा वाणिज्य प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक अमृतेष कुमार गुप्ता ने पटना के बेली रोड स्थित अमर शहीद बृजबिहारी प्रसाद स्मृति संग्रहालय में आयोजित उनकी 28वीं पुण्यतिथि श्रद्धांजलि सभा में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने अमर शहीद बृजबिहारी प्रसाद जी के चित्र एवं भव्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।श्रद्धांजलि सभा में शहीद बृजबिहारी प्रसाद जी की धर्मपत्नी, बिहार भाजपा की वरिष्ठ नेत्री व पूर्व सांसद श्रीमती रमा देवी जी सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक, सामाजिक और वैश्य समाज के गणमान्य नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर आयोजित चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा वाणिज्य प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक अमृतेष कुमार गुप्ता ने वैश्य समाज की संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक एकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, “आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय वैश्य नेताओं को एक मंच पर लाकर समाजहित में संगठित रूप से कार्य करना आज की महती आवश्यकता है। जब वैश्य समाज पूरी तरह से संगठित होगा, तभी हम समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज को और मजबूती दे पाएंगे। कार्यक्रम के दौरान अमृतेष कुमार गुप्ता ने संग्रहालय में संरक्षित शहीद बृजबिहारी प्रसाद जी के जीवन से जुड़े संस्मरणों, दुर्लभ तस्वीरों एवं ऐतिहासिक धरोहरों का गहराई से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तित्व, कृतित्व, लंबे संघर्ष, जनसेवा एवं समाज के प्रति अद्वितीय समर्पण को निकटता से जानना बेहद गौरवपूर्ण क्षण रहा। उनकी जीवनगाथा आज भी हमारी नई पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित होकर कार्य करने की ऊर्जा देती है।शहीद बृजबिहारी प्रसाद जी को कोटि-कोटि नमन करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान, अटूट जनसेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता सदैव हम सभी का मार्ग प्रशस्त करती रहेगी। ‘शहीद कभी मरते नहीं, वे अपने विचारों और प्रेरणाओं के माध्यम से हमेशा जीवित रहते हैं।इसके साथ ही अमृतेष कुमार गुप्ता ने पूर्व सांसद श्रीमती रमा देवी जी के अदम्य साहस, धैर्य एवं संघर्षशील व्यक्तित्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विपरीत एवं विषम परिस्थितियों में भी आदरणीया रमा देवी जी ने जिस असाधारण दृढ़ता और आत्मविश्वास का परिचय दिया है, वह अद्वितीय है। उन्होंने अपने सामाजिक एवं राजनीतिक दायित्वों का निर्वहन हमेशा पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ किया है, जो आज के नेतृत्वकर्ताओं के लिए सेवा-भाव का एक महान और प्रेरक उदाहरण है।

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