पटना, : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा है कि इनडी गठबंधन आज विचारों और सिद्धांतों का मंच नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोधाभासों का संग्रह बनकर रह गया है। यह गठबंधन किसी साझा राष्ट्रीय दृष्टि या विकास के एजेंडे पर नहीं, बल्कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध के आधार पर खड़ा किया गया राजनीतिक प्रयोग है, जिसकी वास्तविकता अब देश की जनता के सामने स्पष्ट होती जा रही है।
डॉ. सुमन ने कहा कि एक ओर कांग्रेस और वामदल पश्चिम बंगाल में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में एक मंच साझा करने का दिखावा करते हैं। इसी प्रकार केरल में कांग्रेस और CPI(M) वर्षों से कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं, लेकिन सत्ता की राजनीति के लिए साथ खड़े होने का दावा करते हैं। यह दोहरा चरित्र जनता से छिपा नहीं है।उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि गठबंधन के भीतर आपसी विश्वास का गंभीर संकट है। महत्वपूर्ण बैठकों से प्रमुख सहयोगी दलों की दूरी और विभिन्न राज्यों में सहयोगी दलों के बीच बढ़ता टकराव इस बात का प्रमाण है कि यह गठबंधन भीतर से कमजोर और अस्थिर है।
डॉ. सुमन ने कहा कि केवल “मोदी विरोध” कोई विचारधारा नहीं हो सकती। राष्ट्र निर्माण सकारात्मक सोच, स्पष्ट नीति, विकासोन्मुख दृष्टिकोण और जनता के विश्वास से होता है। देश को नकारात्मक राजनीति, अवसरवादी गठजोड़ और सत्ता की महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि स्थिर नेतृत्व और प्रभावी शासन से आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जब गठबंधन के घटक दल ही एक-दूसरे पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, तब वे देश को स्थिर नेतृत्व देने का दावा किस आधार पर कर रहे हैं। आज देश की जनता नारे और भ्रम की राजनीति से ऊपर उठकर नीयत, नीति और परिणामों के आधार पर निर्णय ले रही है।
डॉ. सुमन ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास, सुशासन, सामाजिक न्याय और गरीब कल्याण की राजनीति को जनता का निरंतर समर्थन मिलता रहेगा, जबकि INDI गठबंधन अपने अंतर्विरोधों और अवसरवादी राजनीति के कारण लगातार कमजोर होता जाएगा।