पटना : पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र (बिहार विधान परिषद) 2026 के भावी प्रत्याशी ई. नरेन्द्र कुमार लोहानी ने आज अपनी उम्मीदवारी और विजन दस्तावेज सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शिक्षित समाज को सशक्त बनाना और स्नातक मतदाताओं की आवाज को विधान परिषद में मजबूती से रखना है।ई. लोहानी बी.टेक. (कृषि अभियंत्रण) के साथ कृषि विस्तार प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा धारक हैं। वे बिहार सरकार के कृषि विभाग में संयुक्त निदेशक रह चुके हैं तथा वर्तमान में पूर्णकालिक समाज सेवा में सक्रिय हैं। उन्होंने बिहार कृषि अभियंत्रण सेवा संघ के महासचिव (1995-2021) के रूप में भी कार्य किया है। वे बिहार कृषि (अभियंत्रण) सेवा संघ के महा सचिव के रूप में भी लगभग 25 तक लगातार निर्वाचित रहे हैं,वे भागलपुर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य (2025-28) और निर्वाचित निदेशक (स्टेट सर्विसेस, 2025-28) हैं। आई.एस.ए.ई. नई दिल्ली, आई.ई. (भारत) तथा आध्यात्मिक सत्संग समिति, पटना सहित कई पेशेवर और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। उनका विजन शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सशक्तिकरण और समाज के हर वर्ग के समग्र विकास पर केंद्रित है। उन्होंने स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर शिक्षा, परीक्षा, रिजल्ट और डिग्री वितरण में सुधार, विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक-प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन, रोजगार व पारदर्शिता बढ़ाने तथा शैक्षणिक मंचों पर निरंतर संवाद का अनुभव बताया।10 सूत्री संकल्प: हमारा संकल्प, आपका विकासस्नातक युवाओं के लिए पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित कर रिक्त पदों को शीघ्र भरना। विश्वविद्यालयों में समय पर परीक्षा, रिजल्ट एवं डिग्री वितरण के लिए प्रभावी पहल। बेरोजगार स्नातकों हेतु कौशल विकास, डिजिटल प्रशिक्षण एवं रोजगार सहायता केंद्र स्थापित करना। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त कानून एवं जवाबदेही की मांग। शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान हेतु नियमित संवाद मंच बनाना। प्रत्येक जिले में डिजिटल लाइब्रेरी एवं करियर काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराने की पहल। स्थानीय उद्योग, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए नए अवसर सृजन। स्नातक मतदाताओं की समस्याओं को विधान परिषद में मजबूती और तथ्यपूर्ण तरीके से उठाना। शिक्षा, रोजगार एवं प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर संघर्ष। राजनीति को सेवा, संवाद और जनभागीदारी का माध्यम बनाकर शिक्षित समाज की आवाज को सम्मान दिलाना।