राष्ट्रीय वैश्य महासभा में आधा दर्जन से अधिक वैश्य संगठनों का विलय

पटना: राष्ट्रीय वैश्य महासभा के बैनर तले राजधानी के स्काडा बिजनेस सेंटर में गुरुवार को वैश्य समाज को एक सूत्र में बांधने के उद्देश्य से संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर वैश्य समाज के जितने भी संगठन हैं, के नेता शामिल हुए। संवाददाता सम्मेलन को राष्ट्रीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर कुमार महासेठ, प्रो. (डॉ.) जगन्नाथ प्रसाद गुप्ता, कमल नोपानी, पी.के. चैधरी, इंजीनियर सुंदर साहू, रमेश गांधी एवं अन्य विभिन्न संगठनों के वैश्य नेता ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। इस दौरान ह्यवैश्य समाज समन्वय समिति, बिहारह्ण का गठन करने का ऐलान किया गया।
वक्ताओं ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्य समाज को एक सूत्र में बांधने के उद्देश्य से आज पटना में ह्यराष्ट्रीय वैश्य महासभाह्ण के बैनर तले ह्यवैश्य समाज समन्वय समिति, बिहारह्ण का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि 56 उपजाति की सभी दीवारें गिराकर समाज की एकमात्र पहचान ह्यहम सभी वैश्य हैंह्ण होगी। वहीं राष्ट्रीय वैश्य महासभा ने 1 वर्षीय कार्ययोजना 2026-27 की घोषणा की, जिसके तहत संगठन का विस्तार ह्यटॉप टू बॉटमह्ण सिद्धांत पर ह्यबॉटम अपह्ण आधार पर किया जाएगा। संगठन के संचालन के लिए 15 सदस्यीय संचालन समिति नीति और रणनीति तय करेगी, जिसके मार्गदर्शन में 51 सदस्यीय राज्य समन्वय समिति बिहार के सभी वर्गों और उपजातियों का प्रतिनिधित्व करेगी। समिति में 20 प्रतिशत युवा 35 वर्ष से कम आयु के तथा 20 प्रतिशत महिला भागीदारी अनिवार्य होगी। पदाधिकारियों का चयन ह्यसेवा के अवसरह्ण के रूप में होगा, ह्यसत्ता की कुर्सीह्ण के रूप में नहीं।
उक्त नेताओं ने कहा कि संगठन विस्तार के लिए बिहार के 9 प्रमंडलों में 9 प्रमंडल प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे, जो अपने-अपने प्रमंडल के जिलों का निरीक्षण कर प्रत्येक तिमाही पर प्रगति रिपोर्ट राष्ट्रीय वैश्य महासभा की संचालन समिति को सौंपेंगे। राज्य के 38 जिलों में 38 जिला प्रभारी एवं सहायक जिला प्रभारी नियुक्त होंगे, जो मिलकर अपने जिले में 21 सदस्यीय जिला टीम का गठन करेंगे। जिला स्तर पर प्रत्येक माह सम्मेलन, महापुरुषों की जयंती एवं सांस्कृतिक आयोजन कर संगठन को सक्रिय रखा जाएगा। साथ ही, प्रखंड स्तर पर 534 ह्यवैश्य मित्र मंडलह्ण का गठन होगा, जो पंचायत स्तर पर संगठन विस्तार का कार्य करेंगे। राज्य की 8058 पंचायतों में 5 सदस्यीय टीम का गठन किया जाएगा, जिसमें अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, युवा प्रभारी एवं महिला प्रभारी सम्मिलित होंगे। संगठन का लक्ष्य बूथ स्तर तक पहुंचना है। इसके लिए प्रत्येक बूथ पर 1 ह्यवैश्य संपर्क मित्रह्ण नियुक्त होगा जो घर-घर संपर्क कर वैश्य परिवारों का डेटा बेस तैयार करेगा। राष्ट्रीय वैश्य महासभा का लक्ष्य 12 माह के भीतर बिहार की सभी 8058 पंचायतों एवं बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार कर 8 लाख से अधिक वैश्य परिवारों को एक मंच पर लाना है।
नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय वैश्य महासभा ने 3 अटल सिद्धांत तय किए हैं। प्रथम, संगठन पूर्णत: उपजाति आधारित नहीं होगा और मंच पर केवल ह्यवैश्यह्ण की पहचान होगी। द्वितीय, सभी वित्तीय लेन-देन पूर्ण पारदर्शिता के साथ होंगे। चंदे की जगह ह्यसेवा शुल्कह्ण प्रणाली लागू होगी तथा प्रत्येक माह की 1 तारीख को आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। तृतीय, प्रत्येक 6 माह पर पदाधिकारियों की कार्य समीक्षा होगी और अकर्मण्य पाए जाने पर पद से हटाया जाएगा।
इस मौके पर राजू गुप्ता, डॉ. अजय प्रकाश, हाकिम प्रसाद, शिवकुमार स्पंदन, नंदकिशोर पोद्धार, प्रिंस कुमार राजू, डॉ. कामेश्वर गुप्ता, नरेन्द्र लोहानी, शंभूनाथ केशरी, शिवकुमार गुप्ता समेत विभिन्न वैश्य संगठनों के नेता मौजूद थे।

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