पटना : अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि ‘नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप स्कीम’ के तहत 123 मेधावी बच्चों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भेजा जा रहा है। सरकार प्रति छात्र 1 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मंत्री ने मंगलवार को पटना के महेंद्रू स्थित डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान यह जानकारी दी। छात्रावास में थियोसोफिकल छात्रावास, अरफाबाद जीडब्ल्यू छात्रावास, सैदपुर छात्रावास, ढेलवा गोसाईं छात्रावास एवं बाढ़ छात्रावास के पूर्ववर्ती छात्रों की तरफ से एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस मौके पर विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित एवं नियुक्ति प्राप्त करने वाले सैकड़ों प्रतिभावान युवाओं को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मंत्री श्री पासवान ने कहा कि बाबासाहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के ‘अंतिम व्यक्ति के विकास’ के सपने को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार धरातल पर उतार रही है। हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि बिहार के सभी प्रखंडों में डॉ अंबेडकर कल्याण छात्रावास और सभी विधानसभा क्षेत्रों में डॉ भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। हमारा विभाग ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र के साथ युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” मंत्री जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार एससी-एसटी एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक छात्रावास सुविधाएं एवं सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि अधिक से अधिक युवा उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त कर सकें। समारोह में उपस्थित वर्तमान एवं पूर्ववर्ती छात्रों, शिक्षकों तथा छात्रावास प्रबंधन से संवाद करते हुए माननीय मंत्री जी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल व जनसेवा से परिपूर्ण भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान छात्रावास के छात्रों ने कल्याण विभाग की ओर से चलाए जा रहे प्रयासों की खुलकर सराहना की। छात्रों ने विशेष रूप से नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप, योजना के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया, जिसने वंचित वर्ग के छात्रों के लिए विदेश में पढ़ने के रास्ते खोले हैं। इसके साथ ही, हाल ही में सरकार ने छात्रवृत्ति की राशि को दोगुना करने के ऐतिहासिक निर्णय की छात्रों ने भरपूर प्रशंसा की और कहा कि इससे उन्हें अपनी तैयारियों को और मजबूती देने में मदद मिल रही है। छात्रों ने कहा कि अगर विभाग की ओर से संचालित योजना का लाभ उन्हें नहीं मिलता तो आज जिस मुकाम पर हैं वहां पहुंचना मुश्किल होता। कार्यक्रम के अंत में मंत्री जी ने छात्रावास की आवश्यकताओं और छात्रों के बहुमूल्य सुझावों को भी सुना और उन पर त्वरित सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।