SIR के नाम पर तेजस्वी का सियासी ड्रामा फेल, जनता ने किया किनारा:  उमेश सिंह कुशवाहा 

पटना : बिहार जद (यू) के   प्रदेश अध्यक्ष  उमेश सिंह कुशवाहा ने गुरुवार को बयान जारी कर SIR के मुद्दे पर विपक्ष के धरना-प्रदर्शन को सियासी ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का यह पूरा प्रदर्शन अपनी नाकामी पर पर्दा डालने और राजनीतिक चेहरा चमकाने की कवायद भर थी। किंतु, विपक्ष की इस खोखली राजनीति को जनता ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
       प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनादेश पर बिना किसी ठोस आधार के सवाल खड़ा करना विपक्ष की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। यह बिहार के मतदाताओं के जनादेश का भी सीधा अपमान है। इस तरह का राजनीतिक आचरण बिहार और देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करने वाली है।
     उन्होंने कहा कि बिहार में  SIR की प्रक्रिया पूरी हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन विपक्ष आज तक एक भी ऐसे पात्र मतदाता का नाम नहीं बता पाया है, जिसका नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाया गया हो। न ही विपक्ष किसी ऐसे अपात्र व्यक्ति का नाम बता पाया है, जिसे गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल किया गया हो। जब विपक्ष के पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए एक भी ठोस उदाहरण नहीं है, तो फिर  SIR के नाम पर यह राजनीतिक हंगामा किस आधार पर किया जा रहा है?
     
      श्री कुशवाहा ने कहा कि  SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, जबकि   सर्वोच्च न्यायालय बिहार में हुई  SIR की प्रक्रिया को वैध करार दे चुका है। उन्होंने कहा कि जिस राजद के शासनकाल में नब्बे के दशक में मतपेटियां लूट ली जाती थीं, वही आज ‘वोट चोरी’ के नाम पर छाती पीट रही है। जबकि विपक्ष के इन आरोपों का न कोई ठोस आधार है और न ही कोई प्रमाण।
     प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कमजोर नेतृत्व, स्वार्थपरक राजनीति और जनता के प्रति घोर असंवेदनशीलता विपक्ष की लगातार पराजय के प्रमुख कारण हैं। इसके विपरीत, एनडीए सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के ट्रैक रिकाॅर्ड के साथ जनता के बीच है। यही कारण है कि बिहार की जनता बार-बार एनडीए पर अपना विश्वास जता रही है।

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