पटना : प्रदेश जनता दल यू प्रवक्ता शम्भू नाथ सिन्हा ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बिहार में स्वास्थ व्यवस्था को और भी व्यापक, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनका संकल्प है कि लोगों को हर छोटी बड़ी बीमारियों के लिए राजधानी का चक्कर नहीं लगाना पड़े बल्कि स्थानीय स्तर पर ही उनके चिकित्सा की व्यवस्था हो सके। इसको लेकर उन्होंने जिला अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रेफर करने की व्यवस्था पर रोक लगाने का काम किया । जिसका परिणाम है कि अब जिला अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ी और वहां ऑपरेशन की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस करने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कोशिश किए जा रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों के लंबित ऑपरेशनों को आईजीआईएमएस, एम्स और मेदांता जैसे उच्चस्तरीय संस्थानों में कराने की भी व्यवस्था की जा रही है।अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को दूर करने का काम किया किया गया और बड़े पैमाने पर भर्तियां की गई हैं जिससे अब अस्पतालों में कुशल कर्मियों की तादाद में बढोतरी हुई है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल पर कमांड एवं कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है जिससे मरीजों एवं अस्पतालों की रियल टाइम स्थिति का पता लगाने में बेहद आसानी हुई है। अस्पतालों में गरीब मरीजों के लिए मुफ्त दवाईयों का इंतजाम किया जा रहा है। निशांत कुमार ने मरीजों को अस्पतालों में कुल 504 तरह की मुफ्त दवाईयां उपलब्ध कराने का संकल्प जाहिर किया है और वर्तमान समय में 350 तरह की दवाईयां मरीजों को मुफ्त उपलब्ध करायी जा रही हैं और आने वाले समय में मरीजों को 504 तरह की दवाईयां उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है।बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘भव्या’ यानी ‘बिहार हेल्थ एप्लीकेशन विजिनरी योजना’ के माध्यम से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को एकीकृत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके तहत अस्पतालों में उपलब्ध बेड, डॉक्टरों की उपस्थिति और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को आधुनिक सॉफ्टवेयर एवं एआई आधारित तकनीक के माध्यम से ट्रैक किए जा सकेंगे।