पटना, : पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ को नया आयाम दिया है। ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ संकल्प के तहत सभी 8067 पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का संचालन ऐतिहासिक कदम है। अब आम नागरिक को अपनी समस्या लेकर प्रखंड या जिला का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इन सहयोग शिविरों में नागरिक अपनी शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल या ऑफलाइन फॉर्म से दर्ज करा सकते हैं। हर शिकायत का निष्पादन 30 दिनों के भीतर अनिवार्य किया गया है। यह एनडीए सरकार की ऐतिहासिक पहल है।श्री पांडेय ने कहा कि यह ‘सुशासन’ का सबसे बड़ा प्रमाण है कि सरकार अब खुद चलकर जनता के द्वार पर जा रही है। राशन कार्ड, पेंशन, जमीन दाखिल-खारिज, नल-जल, बिजली बिल जैसी रोजमर्रा की समस्याएं अब पंचायत स्तर पर ही खत्म होंगी। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए हर थाने में ‘व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ’ गठित किया गया है। डायल-112 को पंचायत स्तर तक मजबूत किया गया है, जिससे 15 मिनट में पुलिस सहायता पहुंचेगी। हाट-बाजार, औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीटीवी और नियमित पेट्रोलिंग अनिवार्य की गई है। रंगदारी मांगने वालों पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट में तत्काल कार्रवाई हो रही है। श्री पांडेय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा ‘सात निश्चय-1’ में सड़क, बिजली, पानी दिया गया। ‘सात निश्चय-2’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण पर काम हुआ। अब सीएम सम्राट जी के नेतृत्व में ‘सात निश्चय-3’ सीधे नागरिक के ‘जीवन को आसान’ बनाने का संकल्प है। सहयोग शिविर में मिली शिकायतों का विश्लेषण कर नीतियां भी सुधारी जाएंगी। यह ‘रिएक्टिव’ नहीं, ‘प्रोएक्टिव’ गवर्नेंस है। मैं बिहारवासियों से अपील करता हूं कि अपने पंचायत के सहयोग शिविर में जरूर जाएं और सरकार की योजनाओं का लाभ लें। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी ने साबित किया है कि भाजपा-एनडीए सरकार ‘कहती नहीं, करके दिखाती है।