पटना, : ज्ञान भवन में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा आयोजित “तीन दिवसीय राज्य स्तरीय स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध क्षेत्र रोजगार मेला 2026” का मंत्री, अरुण शंकर प्रसाद एवं विभागीय सचिव, डॉ. कौशल किशोर द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारम्भ किया गया। उक्त अवसर पर निदेशक, नियोजनालय एवं प्रशिक्षण, सुनील कुमार, बिहार कौशल विकास मिशन के एसीईओ, हेमंत कुमार सिंह एवं मिशन निदेशक, मनीष शंकर उपस्थित रहे। उक्त अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री, अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और रोजगार के अवसरों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के “सात निश्चय-3” के तहत सरकार का लक्ष्य युवाओं को कौशल, सम्मानजनक रोजगार और बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में स्वास्थ्य क्षेत्र के इस विशेष रोजगार मेले में हजारों रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं, ताकि युवा अपने करियर को नई दिशा दे सकें।माननीय मंत्री ने बताया कि मेले में देश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान जैसे मेदान्ता, अपोलो, पारस, रुबन, अखण्ड ज्योति और पोर्टिया जैसे हॉस्पिटल भाग ले रहे हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ब्लू सीज टैलेंट एलएलपी, मैजिक बिलियन, 2 कॉम्स जॉब्स एकेडमी, अल्फा मैनपावर, केयर 24 और एम्परसैंड इंटरनेशनल मोबिलिटी जैसी संस्थाएं भी मौजूद हैं। जिसके 62 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, उन्होंने युवाओं से कौशल विकास पर ध्यान देने और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं की सफलता ही बिहार की ताकत और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।सचिव डॉ. कौशल किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए पहली बार इस प्रकार का केंद्रीकृत रोजगार मेला आयोजित किया गया है, जिसमें अभ्यर्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण और शेड्यूलिंग की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग पहले भी स्थानीय स्तर पर जॉब फेयर आयोजित करता रहा है, लेकिन इतने व्यवस्थित और बड़े स्तर पर आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के लिए विशेष अवसर लेकर आया है। उन्होंने बताया कि विभाग माननीय मंत्री के मार्गदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों के लिए वर्ष में छह से सात बार ऐसे रोजगार शिविर आयोजित करेगा, जिससे युवाओं को नियमित रूप से रोजगार के अवसर मिल सकें।उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि शुरुआती दौर में वेतन को लेकर निराश न हों, क्योंकि निजी क्षेत्र में अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर वेतन एवं पदोन्नति की संभावनाएं तेजी से बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश अभ्यर्थी नए हैं और व्यावहारिक अनुभव की कमी स्वाभाविक है, इसलिए करियर की शुरुआत धैर्य और सीखने की भावना के साथ करनी चाहिए। सचिव ने विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों की भी जानकारी देते हुए बताया कि युरोपियन और खाड़ी देशों में नर्सिंग तथा केयरगिवर क्षेत्र में बड़ी मांग है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए बिहार के युवाओं से देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा का परचम लहराने का आह्वान किया।इससे पूर्व माननीय मंत्री और सचिव के द्वारा रोजगार मेला में अधिस्थापित नियोक्ताओं के स्टाल का भी अवलोकन किया गया। आपको बता दें कि 25, 26 एवं 27 मई 2026 तक आयोजित यह रोजगार मेला स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो युवाओं के कौशल, रोजगार और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस दौरान पहले दिन 13 हजार से अधिक युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी, जिसमें 2438 अभ्यर्थियों का चयन नियोक्ताओं द्वारा किया गया। मेले में पूरे बिहार से अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। यह मेला कल 26 मई और 27 मई को भी जारी रहेगा।