बिना कार्रवाई ही मामलों के निपटारा करने की समीक्षा करेंगे डीएम, लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई

पटना : सहयोग शिविर को जन उपयोगी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर कई आति आवश्यक निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है राज्य में 19 मई को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें मिले फीडबैक के आलोक में सहयोग शिविर को और सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने निर्देश दिया है कि शिविर में आने वाले आवेदनों का सही तरीके से निस्तारण कराना जिलाधिकारी सुनिश्चित करेंगे। जिन मामलों में अपेक्षित कार्रवाई के बिना उसे निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है, वैसे मामलों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा प्रत्येक शिविर के बाद संबंधित विभाग के पास किया जाए। शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराने के लिए फ्लैक्स इत्यादि लगाया जाए ताकि शिविर में आने वाले लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सकें। उन्होंने कहा है कि जहां पंचायत भवन या अच्छे सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है वहां गर्मी को देखते हुए अस्थाई दमदार संरचना की व्यवस्था की जाए। ताकि आमजन को कोई कष्ट नहीं हो सके। साथ ही वहां पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।एसीएस ने पत्र में कहा है कि आवेदन प्राप्ति के 30 दिनों में मामले का निष्पादन नहीं होने पर प्रखंड स्तर पर जिम्मेदार पदाधिकारी के विरुद्ध निलंबन एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के कार्य निष्पादन में सहयोग के लिए जिम्मेदार प्रखंड स्तर से नीचे की इकाई के कर्मी के विरुद्ध भी निलंबन एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।एसीएस ने निर्देश दिया है कि शिविर स्थल पर आवेदन के लिए प्री-प्रिंटेड प्रोफार्मा की प्रतियां रखी जाए, जिसमें आवेदक की वैसी जानकारी ली जाए जो पोर्टल पर इंट्री हेतु आवश्यक हो और वहां आवेदन लिखने हेतु दक्ष की लिपिकों की प्रतिनियुक्ति की जाए। ताकि वैसे लोग जो आवेदन नहीं लिख सकते हैं उन्हें आवेदन दाखिल करने में कठिनाई न हो। उन्होंने शिविर स्थलों पर इंटरनेट डोंगल के साथ लैपटॉप एवं प्रिंटर की व्यवस्था रखी जाए। ताकि आवेदन की इंट्री पोर्टल पर उसी स्थल पर करते हुए उसकी पावती आवेदक को प्राप्त हो सकें। एसीएस ने कहा है कि सहयोग शिविर में जिले के सभी सांसद, विधायक एवं जिला और प्रखंड स्तरीय कार्य समिति के सदस्यों को भी आमंत्रित किया जाए। अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने कहा है कि राजस्व न्यायालयों में दायर मामलों का निस्तारण का कार्य बहुत धीमा है। इसको देखते हुए जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, डीसीएलआर और अंचल अधिकारियों के न्यायालया में जितने मामले लंबित है, उनकी समीक्षा की जाए और जिन पंचायतों में आगामी शिविर प्रस्तावित है, उन पंचायतों के मामलों की लगातार सुनवाई कर उसका निष्पादन पंचायत में लगने वाले शिविर से पहले कराया जाए। ताकि शिविर के दिन संबंधित पक्षों को उसकी सूचना दी जा सकें। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि गोपनीय शाखा से दूरभाष पर कुछ आवेदकों से रैंडम प्रतिक्रिया ली जाए। ताकि यह पता चल सके कि उनके मामलों का सही तरीके से निस्तारण हुआ है कि नहीं। जिन मामलों में आवेदक की शिकायत प्राप्त होती है उसकी समीक्षा कर सही तरीके से उसका निष्पादन कराया जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए अनुशंसा करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *