पटना, : सूबे के पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में पथ निर्माण विभाग की भूमि उपलब्ध है, जिसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है और आम नागरिकों द्वारा भूमि का अतिक्रमण भी किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि विभाग की भूमि को सुरक्षित रखने हेतु इसे लीज पर आवंटित करने की कार्रवाई की जाए। इससे जहां एक ओर विभाग की भूमि सुरक्षित रहेगी वहीं दूसरी ओर सरकार को राजस्व की प्राप्ति भी होगी। ई. शैलेन्द्र ने बताया कि इस संबंध में विभागीय पदाधिकारियों को निदेशित किया कि राज्य के सभी जिलों में पथ निर्माण विभाग की उपलब्ध भूमि का ब्यौरा नजरी नक्शा के साथ प्राप्त कर समेकित प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राज्य के किस-किस जिलों में और कहाँ-कहाँ विभाग की कितनी जमीन उपलब्ध है। ई. शैलेन्द्र ने कहा कि विभाग को यह भी निदेशित किया गया है कि इस संबंध में एक येाजना तैयार करे कि विभागीय भूमि को किन-किन कार्यो हेतु लीज पर दिया जा सकता है और तदनुसार इस दिशा में शीघ्र अग्रेत्तर कार्रवाई सुनिश्चित् किया जाय ताकि विभाग की भूमि सुरक्षित एवं संरक्षित रहने के साथ-साथ विभाग को राजस्व की प्राप्ति भी हो सके। मंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों से विभिन्न जिलों में उपलब्ध विभागीय निरीक्षण भवन के संबंधित में भी प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचनाएँ मिल रही है कि कई जगहों पर विभागीय निरीक्षण भवन जिला प्रशासन अथवा पुलिस के अवैध कब्जे में है, जो उचित नहीं है। ऐसी निरीक्षण भवनों को अनाधिकृत कब्जा से मुक्त कराकर विभाग के नियंत्रण में लेने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित् करने का निदेश विभागीय पदाधिकारियों को दिया गया।